भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार दौरे पर

कहा, राज्य सरकार लूट, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण में मस्त, विपक्षी गठबंधन पर भी किया प्रहार

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार दौरे पर

पटना : भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आज बिहार में हैं। उन्होंने पटना में कैलाशपति मिश्र की जन्म शताब्दी पर आयोजित समारोह को संबोधित किया। इस दौरान नड्डा ने कहा कि स्व. कैलाशपति मिश्र के जन्म शताब्दी वर्ष पर मैं तमाम नेताओं और बिहार के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि स्व. कैलाशपति मिश्र जी पार्टी के प्रथम पंक्ति और प्रथम पीढ़ी के नेता थे। उन्होंने अपना जीवन, अपना बाल्यकाल भारत की आजादी में लगाया। उसके बाद संगठन और भारतीय जनता पार्टी के विस्तार के लिए उन्होंने सारा जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के बिहार के भीष्म पितामह थे। वे विचारधारा के लिए लड़ते थे और विचारधारा के लिए ही समर्पित थे।

नड्डा ने कहा कि कैलाशपति जी अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का काम किया। एक माला में पिरोने का काम किया। वे दलितों के लिए और सामाजिक न्याय के लिए हमेशा लड़ते रहे। उन्होंने कहा कि जिस बात के लिए कैलाशपति जी ने अपना जीवन लगाया, वही भारतीय जनता पार्टी की सोच, विचारधारा, दृष्टि और कार्य करने का तरीका है। गरीबों को आगे बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि, नल से जल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाएं देने का काम किया। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने का काम किया। 

भाजपा अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि ओबीसी को संवैधानिक दर्जा देने का काम नरेन्द्र मोदी जी ने किया। इस तरह मोदी सरकार ने किसान, महिला, युवा, दलित, पीडि़त, शोषित, आदिवासी सबको सम्मान देने का काम किया। बिहार की नीतश सरकार पर हमला बोलेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार लूट, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण में मस्त है। भाई को भाई से लड़ाने में मस्त है। अब ऐसी सरकारों को गुडबाय कहने का समय आ गया है और भारतीय जनता पार्टी को लाने का समय आ गया है। उन्होंने इंडिया गठबंधन पर भी तंज कसा। नड्डा ने कहा कि आई.एन.डी.आई. गठबंधन एलाईनस तीन आधार पर खड़ा है-पहला-परिवारवाद, दूसरा भ्रष्टाचार, तीसरा-तुष्टिकरण। उन्होंने कहा कि पहले ये क्षेत्रीय पार्टी बनते हैं और फिर परिवार की पार्टी बन जाते हैं। लेकिन भारत का प्रजातंत्र परिवारवाद को कभी भी प्रश्रय नहीं देगा, विचारधारा को प्रश्रय देगा, इसलिए परिवारवाद पार्टियों का समाप्त होना जरूरी है।